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Bachon ka kona

दंड बच्चों को बना सकता है आक्रामक

6a00e55188bf7a883401156f47495c970c-800wiशोध में यह भी कहा गया है कि शारीरिक दंड बच्चों को लम्बे समय में नुकसान भी पहुंचा सकता है।

शोध के सह लेखक जोआन दूरांत और रोन एंसम के मुताबिक, "इन अध्ययनों से पता चलता है कि शारीरिक दंड माता-पिता, भाई-बहन, साथियों और जीवन साथी के खिलाफ आक्रामकता के उच्च स्तर के साथ जुड़ा हुआ है।"

यूनिवर्सिटी ऑफ मैनीटोबा के दूरांत और पूर्वी ओंटारियो स्थित बच्चों के अस्पताल के एंसम के शोध के परिणाम पिछले 20 वर्षो से अधिक समय में हुए कई शोधों के विश्लेषण पर आधारित हैं।

'कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जरनल' की रपट के अनुसार जब 500 से अधिक परिवारों में माता-पिता को शारीरिक दंड पर कम निर्भर रहने का प्रशिक्षण दिया गया, तो बच्चों में जटिल व्यवहार में भी कमी आई।

शोध के लेखकों ने कहा, "परिणाम लगातार यही बताते हैं कि शारीरिक दंड से अनुचित आचरण पर सीधा और तत्कालिक प्रभाव पड़ता है।"

विश्वविद्यालय के बयान के अनुसार शारीरिक दंड अवसाद, चिंता और शराब व मादक पदार्थो के प्रयोग जैसी कई मानिसक स्वास्थ्य परेशानियों से भी जुड़ा हुआ है

बच्चों में मोटापा रोकना है तो सकारात्मक अभिभावक बनें

5700716dcf4110528aabd02135d38ae3वर्तमान में पांच अमेरिकी बच्चों में से एक मोटापाग्रस्त होता है। इन बच्चों के साथी बच्चों के मुकाबले किशोरावस्था तक मोटापाग्रस्त होने का खतरा पांच गुना अधिक होता है। इससे उन्हें अपनी चिकित्सकीय, सामाजिक व शैक्षिक जिंदगी में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

न्यूयार्क विश्वविद्यालय की अध्ययनकर्ता लॉरी मिलर ब्रोटमैन ने अध्ययन किया कि जिस तरह व्यवहारगत परेशानियों वाले बच्चों में उनके जीवन की शुरुआत में पारिवारिक दखल से मदद मिलती है, उसी तरह मोटापे के साथ भी ऐसा ही है। अभिभावकों के सकारात्मक रवैए से मोटापे की दर कम होती है।

'पीडियाट्रिक्स' जर्नल के मुताबिक यह अध्ययन अधिक जोखिम वाले बच्चों पर हुए दो लम्बे अध्ययनों पर आधारित हैं।

अध्ययन में अल्पसंख्यक व गरीब परिवारों के 186 ऐसे बच्चों को शामिल किया गया, जिनमें मोटापे का खतरा ज्यादा था। इन बच्चों के करीब चार साल के होने पर उन्हें पारिवारिक दखल या एक नियंत्रण समूह उपलब्ध कराया गया।

जिन बच्चों को बचपन में परिवार का सकारात्मक रवैया मिला उनमें नियंत्रण समूह के साथ रहने वाले बच्चों की तुलना में मोटापे की दर में महत्वपूर्ण कमी देखी गई

बच्चो का दस का दम

Phulwa_with_the_school_kids_in_Dharavi_1आज टीवी की दुनिया मे जहां कई बड़े सितारों के जलवे देखने को मिलते है तो वही छोटे  बच्चों  ने भी अपनी मासूमियत से लोगो के दिलो मे जगह बना ली है ।बालिका बधू की आनंदी हो या छोटी सी फुलवा  इन  बच्चों ने अपने दमदार अभिनय से सफलता हासिल की है। आज ये  बच्चे अपनी खुद की पहचान रखते है।ये बच्चे एक्टिंग के साथ साथ पढाई  भी करते है।

 

ABHAY GOYLE RAISED FUNDS FOR UNPREVILAGED CHILDERN THIS DIWALI

Abhay_Goyle_8(Shailesh Giri): Abhay Goyle has always used his talent to help those who need. Yet again Abhay did a piano concert ‘Magical Fingers’ to raise funds for a social service organisation Quota International. Quota International works to uplift unprivileged women and children from the economically weaker section. The main purpose of the concert is to raise funds for the organisation. The event is being organised in association with Platinum Sponsor Atotech India Ltd. Abhay made the evening mesmarising by playing numbers like ‘Lag Ja Gale’ , ’Pal Pal’& ‘Ajeeb Dastan’ on his piano. Abhay will light candles in the lives of those children by raising funds for them. The funds raised by Abhay will be used by Quota International to expand their institute ‘Shiksha’ where they help unprivileged women and children. This concert by Abhay will make their Diwali worth celebrating. Talking about the event Abhay says “I feel extremely overwhelmed on being associated with such an event. I am lucky to be able to help those who are unprivileged in any sense”.

खाक़

IMG24444444444444444444444Aमेरी ज़िन्दगी की तरह

मेरे बनाये चित्र भी

चीथड़े चीथड़े हो गये

वोह तो कुछ न कह पाए

बस खामोश हो गए

कसक तो दिल में रह ही गई

अंतरात्मा मेरी मायूस हो गयी

दर्द  दोनों नें ही सहा

                                                                                   किसी से लेकिन कुछ न कहा

                                                                                   वोह कवाड़ में बिक गयी

                                                                                   अर्थी मेरी शमशान चली गई

                                                                                   दास्ताँ यहीं रुक गयी

                                                                                   यहीं ख़त्म हो गयी

                                                                                   'दीपक' यूं ही जलते रहे

                                                                                   जलने वाले जलाते रहे