Sun05202012

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बिना सत्यापन जारी किये जा रहे मोबाइल कनेक्शन, राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

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dfdgdffghमुरादाबाद, इमरान ज़हीर ट्रिंग.. ट्रिंग.. हेल्लो मै फलां मोबाइल कंपनी से बोल रही हूँ आपको मोबाइल कनेक्शन चाहिए? बेहतर और सस्ती काल का आफर मिल रहा है और मासिक रेंटल के बराबर छूट भी दी जाएगी.. कुछ ऐसा ही आजकल के मोबाइल कम्पनियाँ बोलती हुई नज़र आती है और जैसे-तैसे मोबाइल कनेक्शन बेचने का धंधा कर रही है जिसके लिये मामूली सी औपचारिकताये पूरी कर कनेक्शन बांटा जा रहा है| भौतिक सत्यापन के नाम पर नाम मात्र की औपचारिकतायें पूरी कर किसी को भी मोबाइल कनेक्शन दे दिया जा रहा है| यहाँ तक की किसी के मकान के पते पर दूसरे व्यक्ति को मोबाइल कनेक्शन जारी कर दिया जा रहा है जो समाज और राष्ट्र हित के लिये बेहद खतरनाक साबित हो सकता है| प्रतिस्पर्धा के इस दौर में राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रख बिना सत्यापन के मोबाइल कनेक्शन को बेचा जाना बेहद घातक सिद्ध हो सकता है| ऐसा ही एक मामला सामना आया है जहाँ पर विभिन्य मोबाइल कम्पनियों द्वारा दूसरे के पते पर कई मोबाइल कनेक्शन बिना किसी भौतिक सत्यापन के बाँट दिए गये है| मामला मुरादाबाद के लाजपत नगर मकान संख्या बी-790 का है जहाँ पर 74 वर्षीय कुसुम वर्मा के आवास पर कई दूसरे लोगो को मोबाइल कनेक्शन बाँट दिए गये है, मजे की बात तो ये है की जिन लोगो को मोबाइल कनेक्शन बांटे गये गये है उनका इस मकान से कोई लेना देना ही नहीं है | मोबाइल कंपनियों की इस लापरवाही से जहाँ इस मकान की स्वामिनी कुसुम वर्मा काफी परेशान है वही मोबाइल कंपनियों के ऊपर इसका कोई असर भी नहीं है| हालाँकि इस सन्दर्भ में कुसुम वर्मा ने मोबाइल कंपनियों को एक पत्र लिख कर  इसकी शिकायत सम्बंधित अधिकारी से की है लेकिन प्रतिस्पर्धा की इस दौड़ और मोबाइल कनेक्शन को फ्री में बांटे जाने की प्रक्रिया पर ब्रेक लगाने की बजाये बिना किसी सत्यापन के ही कनेक्शन बांटे जाने का खेल जारी है| श्रीमती वर्मा ने 7 मई 2011 को इस सन्दर्भ में टाटा टेली सर्विसेस को एक शिकायती पत्र लिख कर कहा था कि उनके घर के पते पर अशोक कुमार नाम के व्यक्ति को उनके द्वारा मोबाइल कनेक्शन जारी कर दिया गया है उन्होंने ये भी कहा कि बिना किसी भौतिक सत्यापन के कंपनी ने पोस्ट पैड कनेक्शन कैसे जारी कर दिया गया जबकि इस व्यक्ति का इस घर से कोई लेना देना ही नहीं है| पत्र में आगे लिखा गया है कि भविष्य में बिना किसी भौतिक सत्यापन के कोई भी मोबाइल कनेक्शन ना दिया जाये| लेकिन कुसुम वर्मा के इस पत्र पर कोई भी ध्यान नहीं दिया गया और ना ही कोई उचित कारवाही ही की गई| कुछ दिनों के बाद पुनः इसी मकान पर टाटा टेली सर्विसेस कि तरफ से एक तहजीब आलम के नाम से दूसरे नंबर का बिल भेज दिया गया जिससे साफ़ पता चलता है कि टाटा टेली सर्विसेस बिना किसी भौतिक सत्यापन के मोबाइल कनेक्शन बांटने का धंधा कर रही है| कुसुम वर्मा ने 31 जुलाई 2011 को इस सन्दर्भ में फिर एक पत्र लिख कर टाटा टेली सर्विसेस को लापरवाही से अवगत कराया है| श्रीमती वर्मा के अनुसार के अनुसार वोडाफोन कंपनी ने भी इसी मकान पर राहत हुसैन के नाम से एक मोबाइल कनेक्शन बिना सत्यापन के जारी कर दिया है| इस सन्दर्भ में थोड़ी पड़ताल करने पर पता चला की आईडिया कम्पनी ने भी कुछ मोबाइल कनेक्शन बिना किसी भौतिक सत्यापन के जारी कर दिया है| मोबाइल कंपनियों की इस लापरवाही से लाजपत नगर निवासनी कुसुम वर्मा मानसिक पीड़ा से जूझ रही है आये दिन किसी ना किसी का मोबाइल बिल उनके घर पर आ जाता है और उनसे ही उस बिल को जमा करने के लिये कहा जाता है यहाँ तक की कुछ शरारती किस्म के युवको ने उसे ही अपना घर बता कर भुगतान वहीँ से लेने की बात तक कर दी है| बहरहाल मोबाइल कंपनियों द्वारा बिना किसी सत्यापन के मोबाइल कनेक्शन बाँटने  के इस धंधे पर लगाम लगनी बेहद आवश्यक है नहीं तो इस प्रतिस्पर्धा और फ्री में मोबाइल कनेक्शन बाँटने के फेर में ऐसी मोबाइल कंपनिया किसी आतंकवादी को भी मोबाइल कनेक्शन जारी कर सकती है जो देश हित और राष्ट्र सुरक्षा के लिये बेहद घातक साबित हो सकता है|