Sun05202012

Last update01:58:58 PM

Beauty/Health

दोबारा पकाए खाद्य तेल से स्वास्थ्य को खतरा

fryingggमैड्रिड। सूरजमुखी के तेल या इस जैसे दूसरे खाद्य तेलों को बार-बार पकाने से इसमें जहरीला पदार्थ पैदा होता है, जिसका सम्बंध मस्तिष्क सम्बंधी कुछ बीमारियों तथा कुछ प्रकार के कैंसरों से है। बेस्क कंट्री विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने पहली बार भोजन में पाए जाने वाले एक एल्डीहाइड की खोज की है, जिसका सम्बंध तंत्रिकातंत्र की खराबियों और कुछ प्रकार के कैंसरों से स्थापित किया जा सकता है।

विज्ञान पत्रिका फूड केमिस्ट्री की एक रिपोर्ट में शोध सह-लेखक मारिया डोलोर्स गिलेन ने कहा, "यह पहले से पता है कि भोजन को तले जाने वाले तापमान पर खाद्य तेल से कुछ प्रकार के एल्डीहाइड का उत्सर्जन होता है, जो वातावरण को प्रदूषित करता है और जो सांस के साथ हमारे अंदर जा सकती है, इसलिए हमने यह पता लगाने के बारे में सोचा कि क्या पकाने के बाद भी ये तत्व भोजन में पाए जाते हैं और हमारे शोध से पता चला कि हां ये तत्व पाए जाते हैं।"

बयान के मुताबिक अभी तक यही जाना जाता था कि मानव में इन पदार्थो की मौजूदगी का सम्बंध कुछ प्रकार के कैंसर और अल्जाइमर्स तथा पार्किं संस जैसे तंत्रिकातंत्र की बीमारियों से है।

दरअसल तेल में मौजूद फैटी एसिड के विघटन से विषाक्त एल्डीहाइड का उत्सर्जन होता है। कुछ एल्डीहाइड गर्म करने पर उड़ जाते हैं, लेकिन कुछ अन्य एल्डीहाइड तलने के बाद भी तेल में मौजूद रहते हैं। ये जीवों के हार्मोन, एंजाइम और प्रोटीन के साथ तेजी से प्रतिक्रिया करते हैं और उनकी क्रियाओं को बाधित कर देते हैं।

शोधार्थियों ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अपने प्रयोग में सूरजमुखी तेल, जैतून का तेल और तीसी के तेल को 190 डिग्री सेल्सियस पर कुल 40 घंटे तक गर्म किया।

खट्टे फलों के सेवन से हृदयाघात का खतरा कम

citrus_fruitवाशिंगटन| नींबू , आंवले जैसे खट्टे फलों में पाए जाने वाले यौगिक महिलाओं में हृदयाघात का खतरा कम करते हैं। इसका खुलासा ब्रिटेन में यूनीवर्सिटी ऑफ एंगलिया में हुए एक शोध से हुआ है। शोधकर्ताओं ने देखा कि किस प्रकार फलों, सब्जियों, चॉकलेट तथा रेड वाइन में पाया जाने वाला 'फ्लेवनॉयड्स' हृदयाघात का खतरा कम करता है।

प्रमुख शोधकर्ता ऐडिन कैसिडी के अनुसार, "शोध में पाया गया कि अधिक मात्रा में फलों, सब्जियों और खासकर विटामिन सी वाले पदार्थो के सेवन से हृदयाघात का खतरा कम होता है।"

शोध रिपोर्ट 'जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' में प्रकाशित हुई है। कैसिडी और उनके सहयोगियों ने स्वास्थ्य से सम्बंधित पिछले 14 साल के आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला।

इसमें 69,622 महिलाओं के खानपान से सम्बंधित आंकड़े शामिल थे, जिसमें उन्होंने अपने खानपान में शामिल किए जाने वाले फलों तथा सब्जियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी।

शोधकर्ताओं ने पाया कि खट्टे फलों में पाए जाने वाले 'फ्लेवनॉयड्स' का सेवन करने वाली महिलाओं में हृदयाघात का खतरा अपेक्षाकृत 19 प्रतिशत कम होता है।

शोधकर्ताओं ने हालांकि यह भी कहा कि 'फ्लेवनॉयड्स' तथा हृदयाघात के सम्बंध और इसके कारण को समझने के लिए अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है

 

Shemrock Bids Farewell to Passing out students

BTYMohali, kulbir kalsi. The students of Shemrock Senior Secondary School, Sector 69,Mohali arranged a fantastic and superb send off (Farewell Party) function for the outgoing students of 10+2 in the school’s Campus. Cultural items were presented on this occasion and the event started with the Sabad in the praise of God. The farewell party titled “ADIOS AMIGOS” ie “Goodbye Friends” was hosted by the students of class 11 who are living in the AFPI ie The Armed Forces Preparatory Institute, Mohali where they are getting training in the defense forces as career under the aegis of Gen BS Grewal. This is an initiative of the Punjab govt to encourage the youth towards career in defence. These boys are currently preparing for the NDA exam in the institute and are pursuing their academic studies in Shemrock School. The function was graced by Chairman Mr.J.S.Bajwa and Principal Air Commodore SK Sharma . Amidst cheer and applause were ushered into the pandal and rose petals were showered on them. The function began with the performance of Deepshikha ceremony as a mark of respect for the Goddess Saraswati, the Goddess of learning, which was followed by an entertainment programme comprising of a medley of songs by Yashwant, Nishant, Rajat, Mohit, Abhay and Harpreet which set the mood of the party. A humorous short skit was also presented by the students. Later there was a round of fun games including Musical Chairs and “Pehchaano Mai Kaun” which were much liked. Principal Air Commodore SK Sharma congratulated the outgoing students and impressed upon them the need of hard work, commitment, discipline, punctuality, foresight and said that quest for knowledge is a great boon in every sector and will remain as asset for the young managers of tomorrow. He urged the students to work assiduously to carve out their careers and climb the ladder of success to the greater heights of achievements. He said that patience, consistency, meticulous planning and farsightedness can take any young person to the excellent road of success. The cultural programme comprising skits, mono-acting and songs was interspersed with delightful modern and traditional dances. The comedy highlighted the role of professionally educated people in the modern day society. One minute games were arranged to fill thse moments with mirth and laughter. All the students were felicitated with souvenirs and gifts. Vote of thanks was proposed by the head girl Roop.

विटामिन डी की कमी बच्चो के लिए खतरनाक

vitamind550सिडनी। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में विटामिन डी का कम स्तर उनके होने वाले बच्चे की बोलने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।

विटामिन डी की कमी के कारण यह खतरा दो गुना तक बढ़ जाता है। यह अपनी तरह का अब तक का सबसे ब़डा अध्ययन है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान 740 महिलाओं में विटामिन डी के स्तर पर ध्यान केन्द्रित किया गया। इसके साथ-साथ इन महिलाओं के बच्चों को भी 17 साल तक नियमित रूप से अध्ययन के दायरे में रखा गया।

विज्ञान पत्रिका "पीडीयाट्रिक्स" की रपट के अनुसार अध्ययन का नेतृत्व करने वाले "टेलेथोन इंस्टीटयूट फॉर चाइल्ड हेल्थ रिसर्च" में सहायक प्रोफेसर एंड्रयू व्हाइटहाउस ने बताया कि शोध के परिणाम बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पिछले कुछ वर्षो में महिलाओं में विटामिन डी का स्तर लगातार गिर रहा है। टेलेथोन इंस्टीटयूट के बयान के मुताबिक व्हाइटहाउस ने कहा, ""गर्भ में विकसित हो रहा बच्चाा विटामिन डी के लिए पूरी तरह से अपनी मां पर निर्भर रहता है। हमने अपने अध्ययन में बताया है कि इसका बच्चो के मस्तिष्क के विकास पर प्रभाव प़ड सकता है।"" उन्होंने बताया कि इन परिणामों के कई महत्वपूर्ण आशय हैं। बच्चो को बोलने सम्बंधी कई दिक्कतों से बचाने के लिए यह खोज सहायक साबित हो सकती है।

 

 

80 साल जीने के लिए प्रतिदिन 80 कदम चलें!

about-walk-groupजयपुर ! अजमेर के पटेल मैदान में हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय स्वास्थ्य मेले में हार्ड केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के डॉ.के.के.अग्रवाल ने बताया कि किसी व्यक्ति को 80 वर्ष की उम्र तक स्वस्थ्य रहना हो तो वह प्रतिदिन एक मिनट में 80 कदम चले, 80 ग्राम अनाज खाए और साल में 80 दिन उपवास रखे। 

उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति में आयरन की मात्रा को समुचित बनाए रखने के लिए सप्ताह में एक बार 80 ग्राम गुड़ व चना खाने का सुझाव भी दिया।

पटेल मैदान में शनिवार को आयोजित मेगा स्वास्थ्य मेले में जिले व अन्य क्षेत्रों से इलाज कराने आए रोगियों व उनके साथ आए व्यक्तियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

रजिस्ट्रेशन काउंटर पर रोगियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा पटेल मैदान लोगों से खचाखच भर गया। रोगियों के मार्गदर्शन के लिए पटेल मैदान में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये बताया गया कि किस काउंटर पर किस रोग की जांच आदि की सुविधा उपलब्ध है और इसके लिए उन्हें कहां जाना है। 

टेलीमेडीसिन सेवाओं का लाभ लेने के लिए भी सैकड़ों व्यक्ति कतार में देखे गए। मेले में पांच सौ से अधिक चिकित्सकों व टेलीमेडीसिन सलाहकारों ने रोगियों की जांच कर उन्हें चिकित्सा के बारे में सलाह दी।