नई दिल्ली,रूखसार काजमी: .एनसीटीसी पर मचे बवाल के बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर केंद्र सरकार का रुख साफ किया, प्रधानमंत्री ने अपनी चिट्ठी में लिखा, मैंने आपकी चिंता पर गौर किया है, और गृह मंत्री को इस बारे में आपसे बात करने को कहा है। एनसीटीसी का गठन कर हम केंद्र और राज्यों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं कर रहे, यही वजह है कि एनसीटीसी को इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधीन रखा गया है। दरअसल नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर यानी एनसीटीसी पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सात मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखी है। खबर ये भी है कि इस मामले पर आम सहमति के लिए एक मार्च से पहले सभी राज्यों के मुख्य सचिव औऱ डीजीपी भी साथ मिलकर एनसीटीसी पर चर्चा करेंगे।

नई दिल्ली,स्वाती साक्षी वर्मा: कल सुप्रीम कोर्ट में अहम फैसला होने वाला है। 26 नवंबर को मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के दौरान आतंकवादियों और पाकिस्तानी आकाओं के मघ्य हुई बातचीत के पकड़े गए अंश उच्चतम न्यायालय को कल सुनाए जाएंगें। अभियोजन पक्ष का दावा है कि आतंकवादियों और उनके पाकिस्तानी आकाओं के बीच हुई बातचीत एक महत्वपूर्ण सबूत है जिससे पता चलता है कि यह हमलें पूर्व नियोजित थे। इन हमलों में एक मात्र जिंदा पकड़ा गया मुख्य आरोपी अजमल आमिर कसाब की अपील पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने आज कहा कि वह कल दोपहर दो बजे कसाब तथा महाराष्ट के वकिलों की मौजूदगी में आतंकियों और उनके पाकिस्तानी आकाओं के मघ्य हुई बातचीत के पकड़े गए अंश सुनेंगे। महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए पूर्व सॉलिस्टर जनरल ने कहा कि में यह बातचीत सुनवाने में कोई समस्या नही होगी,साथ ही यह भी कहा कि इस बातचीत को पीठ सुन सके इसके लिए सभी प्रबंघन किए जाएंगे। न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायमूर्ति के सी के प्रसाद की पीठ ने अभियोजन पक्ष के इस तर्क के बाद बातचीत सुनने का फैसला किया कि यह एक अहम सबूत है।
नई दिल्ली,रूखसार काजमी: रविवार को रानी बाग में अपनी ही पत्नी का मर्डर करके फरार पती को निहाल विहार में उसके ही चचेरे भाई के घर से गिरफ्तार किया गया। वारदात उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रानी बाग इलाके में हुई थी। यहां ऋषि नगर में पति हरपाल और दो बच्चों के साथ रहने वाली जसप्रीत कौर संत नगर चौक पर ब्यूटी पार्लर चलाती थीं। आरोपी हरपाल सिंह (36) नशे का आदी हैं। साथ ही वह ड्रग्स भी लेता हैं। इसी नशे की आदत को लेकर दोंनो के बीच अक्सर झगडा होता था। हरपाल को पत्नी की कही बातें बेइज्जती लगती थीं। बदला लेने के लिए उसने जसप्रीत की हत्या करने का फैसला किया। रविवार शाम हरपाल पार्लर पहुंचा और धारदार हथियार से जसप्रीत पर हमला कर दिया। वारदात के बाद हरपाल भाग निकला। जसप्रीत को एम्स के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद अपनी कार पीरागढी में एक सुनसान जगह पर रोक कर वहां से ऑटो ले कर हरपाल निहाल विहार में अपने चचेरे भाई के घर चला गया। उसके भाईं ने उसके बारे में उसकी मां को फोन पर खबर दी। हरपाल की मां ने ही पुलिस और पीसीआर को फोन कर उसके बारे में बताया। और पुलिस ने मौके पर से हरपाल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक हरपाल एक प्रॉपर्टी डीलर हैं। वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका हैं।
नई दिल्ली,स्वाती साक्षी वर्मा: इजरायली दूतावास कार धमाका मामले में जांच एजेंसियां अपने जांच की कड़ी को एक और कदम आगे बढ़ाते हुए बांग्लादेश में बैठे हूजी के कमांडर द्वारा सेटेलाइट फोन से दिल्ली के एक मोबाइल फोन पर की गई कॉल की जांच में जुटी हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश से दिल्ली के नंबर पर महज तीन कॉल की गई थीं और इस नंबर से कोई अन्य इनकमिंग या आउटगोइंग कॉल नहीं हुई है। तथा जांच में पता चला है कि फोन व सिमकार्ड दोनों फर्जी पते पर लिये गए थे। केंद्रीय एजेंसियों की मानें तो बांग्लादेश में बैठे व्यक्ति ने दिल्ली में जिस व्यक्ति से तीन बार बातचीत की, उसकी लोकेशन तीनों बार अलग-अलग आ रही थी साथ ही अंतिम लोकेशन जामिया की है। विस्फोट के बाद से ही वह फोन बंद आ रहा है। जांच एजेंसियो के लिए एक बड़ी चुनौती है कि आखिर उस फोन का प्रयोग कौन व्यक्ति कर रहा था तथा बांग्लादेश से उसे क्या निर्देश दिए जा रहे थे। हालांकि इस संबंध में मामले को देख रही दिल्ली पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है। 13 फरवरी को इजरायली दूतावास की महिला अधिकारी की इनोवा कार पर औरंगजेब रोड पर मोटरसाइकिल सवार एक युवक ने मैग्नेटिक डिवाइस चिपका दी थी और कुछ ही देर बाद ब्लास्ट हो गया था ।
नई दिल्ली,अजितेश मिश्रा: नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह और डीजीसीए के बीच किंगफिशर एयलाइंस पर बुलाई गई बैठक समाप्त हो गई है। बैठक राजीव गांधी भवन में हुई। गौरतलब है कि लगातार तीन दिन से किंगफिशर की उड़ानें रद्द हो रही हैं।उड्डयन मंत्री अजित सिंह आज चुनाव प्रचार के लिए यूपी जाना चाहते हैं। इस वजह से उन्होंने डीजीसीए और किंगफिशर के सीईओ की बैठक से पहले मंत्रालय की बैठक डीजीसीए से की। बैठक के बाद सिंह ने आर्थिक रूप से मुश्किलों में फंसी किंगफिशर एयरलाइन की आर्थिक मदद पर कहा कि बैंक आरबीआई नॉर्म्स और किंगफिशर के व्यापार प्लान के तहत लोन दे सकते हैं। ये उनको तय करना है।नागरिक उड्डयन मंत्री ने बताया कि किंगफिशर से पायलटों की संख्या, प्लेन की संख्या और यात्रियों की सुरक्षा पर सूचीपत्र मांगा गया है। इस पर कंपनी ने कौन-कौन से कदम उठाए हैं। इसकी जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है।
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संबलपुर,पश्चिम ओड़िशा:पश्चिम ओड़िशा के सबसे प्रमुख शहर संबलपुर में बीते तीन बार के जिला परिषद चुनावों में बीजद की हालत को देखते हुए किसी भी सपने में यह नहीं सोचा होगा कि इस बार बीजद को भारी सफलता मिलेगी, लेकिन अब यह सच होने जा रहा है। यहां पर यह बताना खास तौर पर उचित होगा कि कभी संबलपुर कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था, लेकिन कमजोर नेतृत्व की खातिर इस गढ़ में पहले भाजपा ने और अब बीजद ने सेंध लगाया है। कांग्रेस विधायकों के विधानसभा क्षेत्र के बीजद को सफलता मिली है। इससे पहले कांग्रेस विरोधी जनता पार्टी, जनता दल और वर्तमान के बीजू जनता दल को कभी ऐसी सफलता नहीं मिली थी।संबलपुर जिला में सुप्त प्राय: बीजद के युवा तेजतर्रार नेता रोहित पुजारी ने जान फूंक दी और विरोधी कांग्रेस और भाजपा को हक्काबक्का कर दिया। बीते चुनाव में बीजद को संबलपुर जिला परिषद में केवल एक ही सीट पर संतोष करना पड़ा था, लेकिन इस बार बीजद को भारी सफलता मिली है।करीब तीन वर्ष पहले बीजू जनता दल में शामिल हुए युवा नेता रोहित पुजारी ने हाल ही में संपन्न पंचायत चुनाव में अपने दल को सफलता का स्वाद चखाया है। तीन वर्ष पहले बीजद का हाथ थाम संबलपुर जिला बीजद अध्यक्ष के रूप में उन्होंने यहां अपने संगठन को मजबूत किया, जिसका नतीजा सबके सामने है। संबलपुर जिला परिषद के कुल 19 सीटों में से 10 पर बीजद बढ़त बनाए हुए है, जबकि कांग्रेस को दूसरे और भाजपा को तीसरे स्थान पर बताया जा रहा है। रोहित पुजारी ने जिला के प्राय: समस्त गांवों-कस्बों में चुनावी दौरा किया और अपनी पार्टी का प्रचार करने समेत गांववालों की समस्याओं को सुना। इस चुनाव-प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की साफ सुथरी छवि का असर भी मतदाताओं पर पड़ा। इससे पहले बुर्ला, हीराकुद और रेढ़ाखोल नगरनिकाय को अपने कब्जे में लेने वाले बीजद को पंचायत चुनाव में भी मतदाताओं का साथ मिला। बीजद को मिली इस सफलता से यह साबित हो गया कि बीजद के बढ़ते कदम को रोकने में विरोधी दल विफल रहे हैं।